ऊचाइयां
हर इंसान को भी अपनी सफलता की उड़ान उड़ने का हक है।
लेकिन उड़ान के समय ये न भूले कि ये उचाई उसे कैसे और क्यों मिली है।
एक पंछी रोज उड़ान भरता है लेकिन वो उतना ही ऊँचा रहता है जिसमे वो सरलता
से निचे आ सके क्योंकि आसमान में बैठने की जगह नहीं होती।

लेकिन उड़ान के समय ये न भूले कि ये उचाई उसे कैसे और क्यों मिली है।
एक पंछी रोज उड़ान भरता है लेकिन वो उतना ही ऊँचा रहता है जिसमे वो सरलता
से निचे आ सके क्योंकि आसमान में बैठने की जगह नहीं होती।

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