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Showing posts from March, 2018

शिक्षा के मंदिर से व्यापार

शिक्षा का मंदिर ( स्कूल )  ....  अब एक बिज़नस सेण्टर बन गया हैं।हर मामले मे ..  आज सिर्फ पुस्तकों  को ही ले ले ..  जब पुस्तको  पर 60% कमीशन था  तब तक पुस्तको को  स्कूल से खरीदना जरुरी था  और अब            ( NCRT ) की पुस्तकों पर  जब कमीशन नहीं बनता तो पुस्तके बाहर से  मिलेगी।  आज मझे मेरी बच्च्ची की पुस्तक स्कूल से नहीं मिली।   वह रे हिंदुस्तान ये है हमारा शिक्षा का मंदिर ।

आओ पहल करें

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अगर  देखें तो किसी इंसान का जन्म अमीर  परिवार में तथा किसी का गरीब परिवार में ।कोई पढ़ा - लिखा तो  कोई अनपढ़ रह जाता है  ।मगर दोनों में ज्यादा कुछ अंतर नहीं है ।  एक ने अपना पूरा जीवन स्वार्थ के लिए इकठ्ठा करने में निकाल दिया और दूसरे ने कुछ पाने के स्वार्थ में निकाल दिया।  दुनिया ऐसे लोगो को याद  नहीं करती जो सिर्फ अपना स्वार्थ देखता हो। अपना स्वार्थ  तो चीटियाँ भी देखती तभी तो वो अपना  जीवन सिर्फ इकठ्ठा करने में निकाल देती हैं। होता क्या है ? बारिस आती हैं  और चीटियों का  इकठ्ठा किया हुआ सारा राशन बहा कर ले जाती है। तो इंसान को चाहिए कि ये उनका जीवन  यूं ही व्यर्थ न जाये  , इस जीवन को स्वयं के अलावा किसी अन्य जरुरतमंद के जीवन को उन्नत बनाने मे व्यतीत करे । इस प्रयास से उसका अपना तो कुछ नहीं बिगड़ेगा , मगर उस जरुरतमंद को  इतना विश्वास हो जायेगा कि  उसका जन्म  गरीब परिवार में जरूर  हुआ है , मगर उसकी सहायता लिए कोई साथ खड़ा है। हर इंसान द्वारा  ऐसा कर्म  कि...

माता-पिता के संस्कार

एकबोध कथा संस्कार क्या है.. एक राजा के पास सुन्दर घोडी थी । कई बार युद्व में इस घोडी ने राजा के प्राण बचाये और घोडी राजा के लिए पूरी वफादार थी,कुछ दिनों के बाद इस घोडी ने एक बच्चे को जन्म दिया, बच्चा काना पैदा हुआ, पर शरीर हष्ट पुष्ट व सुडौल था । बच्चा बडा हुआ, बच्चे ने मां से पूछा: मां मैं बहुत बलवान हूँ, पर काना हूँ.. यह कैसे हो गया, इस पर घोडी बोली: बेटा जब मैं  गर्भवती थी, तू पेट में था तब राजा ने मेरे उपर सवारी करते समय मुझे एक कोडा मार दिया, जिसके कारण तू काना हो गया । यह बात सुनकर बच्चे को राजा पर गुस्सा आया और मां से बोला: मां मैं इसका बदला लूंगा । मां ने कहा राजा ने हमारा पालन-पोषण किया है, तू जो स्वस्थ है.. सुन्दर है, उसी के पोषण से तो है, यदि राजा को एक बार गुस्सा आ गया तो इसका अर्थ यह नहीं है कि हम उसे क्षति पहुचायें, पर उस बच्चे के समझ में कुछ नहीं आया, उसने मन ही मन राजा से बदला लेने की सोच ली । एक दिन यह मौका घोडे को मिल गया राजा उसे युद्व पर ले गया । युद्व लडते-लडते राजा एक जगह घायल हो गया, घोडा उसे तुरन्त उठाकर वापिस महल ले आया । इस पर घोडे को ताज्जू...

अनमोल विचार

                 "घमंड" और "पेट"                  जब ये दोनों बढतें हैं..            तब "इन्सान" चाह कर भी         किसी को गले नहीं लगा सकता..              जिस प्रकार नींबू के रस की एक बूँद       हज़ारों लीटर दूध को बर्बाद कर देती है...                       ...उसी प्रकार...                    "मनुष्य का अहंकार"_                भी अच्छे से अच्छे संबंधों को                       बर्बाद कर देता है!!!                   "सत्कर्म ही जीवन है।"

सिक्के के दो पहलू

एक बार एक केकड़ा समुद्र किनारे अपनी मस्ती में चला जा रहा था और बीच बीच में रुक रुक कर अपने पैरों के निशान देख कर खुश होता । आगे बढ़ता पैरों के निशान देखता और खुश होता,,,,,इतने में एक लहर आयी और उसके पैरों के सब निशान मिट गये। इस पर केकड़े को बड़ा गुस्सा आया, उसने लहर से बोला , "ए लहर मैं तो तुझे अपना मित्र मानता था, पर ये तूने क्या किया ,मेरे बनाये सुंदर पैरों के निशानों को ही मिटा दिया कैसी दोस्त हो तुम ।" तब लहर बोली, " वो देखो पीछे से मछुआरे लोग पैरों के निशान देख कर ही तो केकड़ों को पकड़ रहे हैं,,, हे मित्र! तुमको वो पकड़ न लें , बस इसीलिए मैंने निशान मिटा दिए ! ये सुनकर केकड़े की आँखों में आँसू आ गये । सच यही है कई बार हम सामने वाले की बातों को समझ नहीं पाते और अपनी सोच अनुसार उसे गलत समझ लेते हैं। जबकि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। अतः मन में वैर लाने से बेहतर है कि हम सोच समझ कर निष्कर्ष निकालें !!

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

एक दिन की बात है लड़की की माँ खूब परेशान होकर अपने पति को बोली की एक तो हमारा एक समय का खाना पूरा नहीं होता और बेटी दिन ब दिन बड़ी होती जा रही है गरीबी की हालत में इसकी शादी कैसे करेंगे ? बाप भी विचार में पड़ गया दोनों ने दिल पर पत्थर रख कर एक फैसला किया की कल बेटी को मार कर गाड़ देंगे . दुसरे दिन का सूरज निकला , माँ ने लड़की को खूब लाड प्यार किया , अच्छे से नहलाया , बार - बार उसका सर चूमने लगी . यह सब देख कर लड़की बोली : माँ मुझे कही दूर भेज रहे हो क्या ? वर्ना आज तक आपने मुझे ऐसे कभी प्यार नहीं किया , माँ केवल चुप रही और रोने लगी , तभी उसका बाप हाथ में फावड़ा और चाकू लेकर आया , माँ ने लड़की को सीने से लगाकर बाप के साथ रवाना कर दिया . रास्ते में चलते - चलते बाप के पैर में कांटा चुभ गया , बाप एक दम से नीचे बैठ गया , बेटी से देखा नहीं गया उसने तुरंत कांटा निकालकर फटी चुनरी का एक हिस्सा पैर पर बांध दिया . बाप बेटी दोनों एक जंगल में पहुचे बाप ने फावड़ा लेकर एक गढ्ढा खोदने लगा बेटी सामने बैठे - बेठे देख रही थी , थोड़ी देर बाद गर्मी के कारण बाप को प...

जीवन के लिए खर्च” या “खर्च के लिए जीवन

पत्नी ने कहा --- आज धोने के लिए ज्यादा कपड़े मत निकालना। पति -- क्यों...?? पत्नी ने  कहा --- अपनी काम वाली बाई दो दिन नहीं आएगी। पति -- क्यों...?? पत्नी -- गणपति के लिए अपने नाती से मिलने बेटी के यहाँ जा रही है। पति -- ठीक है , अधिक कपड़े नहीं निकालता। पत्नी -- और हाँ , गणपति के लिए पाँच सौ रूपए दे दूँ उसे..?  त्यौहार का बोनस। पति -- क्यों.? अभी दिवाली आ ही रही है , तब दे देंगे। पत्नी -- अरे नहीं बाबा.! गरीब है बेचारी , बेटी-नाती के यहाँ जा रही है तो उसे भी अच्छा लगेगा और इस महँगाई के दौर में उसकी पगार से त्यौहार कैसे मनाएगी बेचारी.? पति -- तुम भी ना , जरूरत से ज्यादा ही भावुक हो जाती हो। पत्नी -- अरे नहीं , चिंता मत करो। मैं आज का पिज्जा खाने का कार्यक्रम रद्द कर देती हूँ। खामख्वाह पाँच सौ रूपए उड़ जाएँगे , बासी पाव के उन आठ टुकड़ों के पीछे। पति -- वा , वा… क्या कहने!! हमारे मुँह से पिज्जा छीनकर बाई की थाली में.! तीन दिन बाद पोंछा लगाती हुई कामवाली बाई से पति ने पूछा... पति -- क्या बाई.? , कैसी रही छुट्टी.? बाई -- बहुत बढ़िया हुई साहब , दीद...

Refresh your mind with game

Mind game...Solve this❓ Two words are jumbled up in each of the following items. If you find out one word, the other will be its opposite. Example:  TIOUN = IN x OUT 1. Golyrbi 2. Gondylou 3. WpnuOd 4. Naawmnom 5. Titlghfer 6. Egmooc 7. Ydignhat 8. Yyiannnurs 9. Mmweetrrinus 10. Ciiavelglyt Who is the  wordmaster?

Jivan ka satya

चिड़िय जब जीवित रहती है तब वो किड़े-मकोड़ों को खाती है और चिड़िया जब मर जाती है तब किड़े-मकोड़े उसको खा जाते है।

NAGATIVE- vs POSITIVE+ Way Of Thinking

👌 NEGATIVE- vs POSITIVE+     Way Of Thinking!                 एक महान लेखक अपने लेखन कक्ष में बैठा हुआ लिख रहा था। 1) पिछले साल मेरा आपरेशन हुआ और मेरा गालब्लाडर निकाल दिया गया। इस आपरेशन के कारण बहुत लंबे सम...